
पानी की टंकी कितने दिन में साफ़ करनी चाहिए?
आपके पानी के स्रोत के हिसाब से सही अंतराल — DJB, बोरवेल, टैंकर और सोसाइटी के लिए अलग-अलग।
"छह महीने में एक बार" हर घर के लिए सही जवाब नहीं है। सही अंतराल इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास पानी आता कहाँ से है।
| आपकी स्थिति | अंतराल |
|---|---|
| DJB सप्लाई, ढक्कन ठीक | 6 महीने |
| बोरवेल का पानी | 3–4 महीने |
| टैंकर पर निर्भरता | 3–4 महीने |
| कठोर पानी (गुड़गाँव, बाहरी दिल्ली) | 4 महीने |
| सोसाइटी की ओवरहेड टंकी | साल में कम से कम 2 बार |
| अंडरग्राउंड सम्प | साल में 2 बार |
| रेस्टोरेंट / फ़ूड बिज़नेस | हर 3 महीने, रिकॉर्ड सहित |
| किसी भी दूषण के बाद | तुरंत |
बोरवेल और टैंकर वाले घरों को जल्दी क्यों
बोरवेल के पानी में खनिज और आयरन ज़्यादा होते हैं, जो दीवारों पर सफ़ेद स्केल और काली परत बनाते हैं। टैंकर के पानी में रेत और मिट्टी दिखाई देने लायक़ मात्रा में होती है, और टैंकर ख़ुद कब साफ़ हुआ था यह पता करने का कोई तरीका नहीं होता।
ये संकेत दिखें तो इंतज़ार न करें
- पानी से बदबू — मिट्टी जैसी या अंडे जैसी
- बाल्टी की तली में रेत या कीचड़
- शाम को पानी पीला — सुबह साफ़
- नल का प्रेशर धीरे-धीरे कम होना
- टंकी की दीवार चिकनी या हरी
- टंकी में कीड़े या लार्वा
- घर में बार-बार पेट ख़राब होना
साफ़ दिखने का मतलब साफ़ होना नहीं
गाद नीचे बैठ जाती है, बायोफ़िल्म दीवार से चिपकी रहती है, और ज़्यादातर बैक्टीरिया दिखाई ही नहीं देते। नल से साफ़ दिखने वाला पानी भी उस टंकी से आ सकता है जिसकी सफ़ाई का समय काफ़ी पहले निकल चुका है। इसीलिए अंतराल तय किया जाता है — नज़र से नहीं।
Keep Reading

पानी की टंकी साफ़ करने का सही तरीका (दिल्ली गाइड)
ओवरहेड टंकी की सफ़ाई का पूरा तरीका — कौन सा कदम क्यों ज़रूरी है, और कौन सा काम आपको खुद नहीं करना चाहिए।
3 min read

दिल्ली में पानी की टंकी साफ़ करने का ख़र्च कितना है? (2026)
टंकी के आकार के हिसाब से पूरी रेट लिस्ट, और सस्ते रेट में क्या-क्या छूट जाता है।
3 min read

टंकी में पीला पानी क्यों आता है? कारण और समाधान
पीले पानी के चार मुख्य कारण, और एक आसान टेस्ट जिससे पता चले कि समस्या टंकी में है या नहीं।
3 min read
